राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह: श्रीराम के ससुराल से भी आएंगे मेहमान, अहमदाबाद से बनकर आएगा राम मंदिर का ध्वज, प्राण प्रतिष्ठा जैसे आयोजन की तैयारी


राम मंदिर में 25 नवंबर को ध्वजारोहण समारोह की तैयारी तेज हो गई है। समारोह में आठ हजार से अधिक मेहमान बुलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में श्रीराम की ससुराल जनकपुर से भी मेहमानों को बुलाने की योजना है। इसके अलावा राम मंदिर निर्माण के लिए बड़ी निधि समर्पित करने वाले लोगों को भी आमंत्रण दिया जा रहा है।

Shree Ram Janmaboomi Temple in Ayodhya, Uttar Pradesh.

अभी तक ध्वजारोहण समारोह को पूर्वी उत्तर प्रदेश तक ही केंद्रित रखा गया था, लेकिन अब इसको थोड़ा विस्तार दिए जाने की योजना बन रही है। इसी क्रम में निणि समर्पण करने वाले लोगों को बुलाया जाएगा। इनमें से कई लोग अन्य प्रदेशों के रहने वाले हैं, हांलाकि इनकी संख्या सीमित होगी। वहीं श्रीराम की सुसराल जनकपुर से भी मेहमानों को बुलाने की योजना बन रही है। इसकी पुष्टि करते हुए विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज ने बताया कि जनकपुर से कोई न कोई प्रतिनिधि ध्वजारोहण समारोह में आएगा। कितने लोगों को बुलाएंगे इस पर विचार कर रहे हैं।

वहीं दूसरी तरफ ध्वजारोहण समारोह की तैयारियों को लेकर बृहस्पतिवार को राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ़ अनिल मिश्र, मंदिर के व्यवस्था प्रमुख गोपाल राव व एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया। ध्वजारोहण समारोह में आए हुए सभी मेहमानों को रामलला व राम दरबार में दर्शन कराया जाएगा। भीड़ का दबाव न हो इसलिए टुकड़ियों में दर्शन के लिए भेजा जाएगा। मेहमानों के बैठने के लिए 20 से अधिक ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। एक ब्लॉक में 400 से 500 लोग बैठ सकेंगे।

राम मंदिर के शिखर पर फहराए जाने वाले विशेष ध्वज का निर्माण अहमदाबाद में किया जा रहा है। यह ध्वज जल्द ही अयोध्या पहुंच जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को राम मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराएंगे।

पीएम मोदी राम मंदिर ध्वजारोहण कार्यक्रम के बाद मंदिर निर्माण में लगे श्रमिकों और इंजीनियरों के साथ-साथ ट्रस्ट पदाधिकारियों से मुलाकात कर सकते हैं। इसके अलावा वह परिसर में ही स्थापित अन्य देवी देवताओं के मंदिरों में दर्शन-पूजन करने के लिए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री 25 नवंबर को अयोध्या धाम पहुंचेंगे। सबसे पहले वह हनुमानगढ़ी में दर्शन करेंगे। फिर राम जन्मभूमि परिसर पहुंचकर ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होंगे।

इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में परिसर में कुल आठ हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान फूल-माला और बिजली के विभिन्न प्रकार के लाइट से राम जन्मभूमि मंदिर को सजाया और संवारा जाएगा। इसके अलावा परिसर में बड़ी-बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी।

इस दौरान श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की तरफ से सात से अधिक स्थानों पर भोजन और प्रसाद की व्यवस्था रहेगी। इस दौरान जो भी अयोध्या पहुंचे, उन्हें खाने-पीने की कोई असुविधा न हो, इसके लिए भी ट्रस्ट युद्धस्तर पर लगा हुआ है। राम मंदिर में दर्शन-पूजन की व्यवस्था को संभालने वाले गोपाल राव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामलला के दर्शन करने के बाद राम दरबार और लक्ष्मण के शेषावतार मंदिर में भी दर्शन कर सकते हैं।

राव के अनुसार उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी सप्त मंदिर परकोटा के साथ रामायण के थ्री डी म्यूरल्स भी देख सकते हैं। फिर उसके बाद श्रमिकों और निर्माण एजेंसियों के कार्मिकों से मिल सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जिस ध्वज को फहराने वाले हैं, उसका देश के अलग-अलग हिस्सों में निर्माण हो रहा है। अहमदाबाद के साथ देश के कई अन्य राज्यों में भी ध्वज बन रहा है। ध्वजारोहण समारोह में 8000 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न समाज के लोगों को भी बुलाया गया है। 16 नवंबर तक सभी तैयारी पूरा कर लेंगे, जो छोटी चीजें बचेंगी, वह अगले सात-आठ दिनों में हो जाएंगी।

पहली बार राम मंदिर में होगा विवाहोत्सव

राम मंदिर में पहली बार राम विवाहोत्सव के भी आयोजन की तैयारी हो रही है। विहिप के केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज ने बताया कि रामदरबार की स्थापना के बाद यह पहला विवाहोत्सव है इसलिए पहली बार श्रीराम विवाह का भी उत्सव करने की योजना बन रही है। उत्सव का स्वरूप क्या होगा, इसको लेकर मंथन किया जा रहा है। उत्सव मंदिर परिसर या फिर अंगद टीला परिसर में किया जा सकता है। इसके तहत सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि की योजना बन रही है।

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दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.


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