
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन अंतरराज्यीय अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह कथित तौर पर “Crown Pay” नामक एक फर्जी कंपनी के माध्यम से देशभर में लोगों को अपने जाल में फंसा रहा था। पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान ऋषिराज, रोहन कुमार और सचिन सिंह के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में इन आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि उनके नेटवर्क में 700 से अधिक म्यूल (फर्जी) बैंक खाते सक्रिय थे। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को जमा करने और आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था।
गिरोह का काम करने का तरीका बेहद संगठित और योजनाबद्ध था। आरोपी टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें विभिन्न प्रकार के लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। कई बार लोगों को कमीशन या नौकरी का झांसा दिया जाता था, जिससे वे आसानी से अपने दस्तावेज उपलब्ध करा देते थे। इसके बाद इन खातों में साइबर फ्रॉड से अर्जित धन जमा कराया जाता था।
पुलिस के अनुसार, ठगी की रकम को ट्रैक करना कठिन बनाने के लिए आरोपी क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करते थे। पैसे को पहले विभिन्न म्यूल खातों में ट्रांसफर किया जाता था और फिर उसे डिजिटल करेंसी में बदलकर आगे भेज दिया जाता था, जिससे जांच एजेंसियों के लिए लेन-देन की कड़ी पकड़ना मुश्किल हो जाता था।
जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से देशभर में दर्ज 75 से अधिक साइबर ठगी की शिकायतों के साक्ष्य मिले हैं। इन मामलों में कुल मिलाकर लगभग 67 करोड़ रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 19 सिम कार्ड, 12 एटीएम कार्ड, 5 बैंक पासबुक, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था और देश के विभिन्न राज्यों में फैला हुआ था। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
गाजीपुर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या कंपनी के झांसे में आकर अपने बैंकिंग दस्तावेज या जानकारी साझा न करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.
