Ranji Trophy Final: जम्मू कश्मीर ने रच दिया इतिहास, 67 साल के इतिहास में पहली बार चैंपियन बना जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक को पारी की बढ़त के आधार पर हराया


J&K vs KAR, Ranji Trophy Final: जम्मू कश्मीर ने शनिवार को कर्नाटक के खिलाफ ड्रॉ रहे फाइनल में पहली पारी की बढ़त के आधार पर पहली बार रणजी ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट का खिताब जीतकर 67 साल का इंतजार खत्म करके इतिहास में अपना नाम दर्ज कर दिया.

J&K Ranji Team. Pic - Social Media
J&K Ranji Team. Pic – Social Media

J&K vs KAR, Ranji Trophy Final: जम्मू कश्मीर ने शनिवार को कर्नाटक के खिलाफ ड्रॉ रहे फाइनल में पहली पारी की बढ़त के आधार पर पहली बार रणजी ट्रॉफी क्रिकेट टूर्नामेंट का खिताब जीतकर 67 साल का इंतजार खत्म करके इतिहास में अपना नाम दर्ज कर दिया. जम्मू कश्मीर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 584 रन बनाए थे जिसके जवाब में कर्नाटक की टीम 293 रन ही बना पाई थी. इस तरह से जम्मू कश्मीर को 291 रन की बढ़त मिली और उसने कर्नाटक को फॉलोआन के लिए आमंत्रित करने की बजाय दूसरी पारी खेलने का फैसला किया.

मैच के पांचवें और अंतिम दिन जम्मू कश्मीर ने जब तक अपनी दूसरी पारी में चार विकेट पर 342 रन बनाए थे तब दोनों टीम के कप्तान मैच को ड्रॉ करने पर सहमत हो गए और इस तरह से जम्मू कश्मीर पहली बार चैंपियन बन गया. जम्मू कश्मीर ने सुबह अपनी दूसरी पारी चार विकेट पर 186 रन से आगे बढ़ाई. कामरान इकबाल और साहिल लोत्रा ने कर्नाटक को एक भी सफलता हासिल नहीं करने दी और नाबाद शतक लगाए.

जब मैच ड्रॉ करने पर सहमति बनी उस समय सुबह अपनी पारी 94 रन से आगे बढ़ाने वाले इकबाल 160 और लोत्रा 101 रन पर खेल रहे थे. लोत्रा ने सुबह अपनी पारी 16 रन से आगे बढ़ाई थी. इस तरह से जम्मू कश्मीर में अपनी कुल बढ़त 633 रन कर दी थी. यह जम्मू कश्मीर का पहला रणजी ट्रॉफी खिताब है, जो इस टीम के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है. जम्मू कश्मीर ने इस तरह से रणजी ट्रॉफी जीतने का 67 साल का लंबा इंतजार भी खत्म कर दिया.

67 साल पहले जम्मू-कश्मीर ने किया था रणजी ट्रॉफी में पदार्पण

जम्मू और कश्मीर क्रिकेट टीम ने 67 साल पहले भारत के सबसे प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी में पदार्पण किया था। इससे पहले टीम 2013-14, 2019-20 और 2024-25 सीज़न में क्वार्टर फाइनल तक पहुंची, लेकिन हर बार दबाव के आगे कदम लड़खड़ा गए। इस बार तस्वीर पूरी तरह अलग थी। टीम संयम, आत्मविश्वास और स्पष्ट रणनीति के साथ मैदान पर उतरी। फाइनल तक का उनका सफर उनकी मजबूत तैयारी और मानसिक दृढ़ता का प्रमाण था।

पहली पारी में जम्मू-कश्मीर को मिली 291 रनों की बढ़त

जम्मू और कश्मीर क्रिकेट टीम ने फाइनल में दमदार प्रदर्शन करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की। पहले बल्लेबाज़ी करते हुए टीम ने पहली पारी में विशाल 584 रन बनाए। जवाब में कर्नाटक क्रिकेट टीम की पूरी टीम 293 रन पर सिमट गई, जिससे जम्मू-कश्मीर को 291 रन की मजबूत बढ़त हासिल हुई। हालांकि फॉलोऑन देने का विकल्प मौजूद था, लेकिन कप्तान ने दूसरी पारी खेलने का रणनीतिक फैसला किया।

कामरान इकबाल और साहिल लोत्रा का शतक

पांचवें और अंतिम दिन जम्मू-कश्मीर ने अपनी दूसरी पारी 4 विकेट पर 186 रन से आगे बढ़ाई। कामरान इकबाल और साहिल लोत्रा ने शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए कर्नाटक के गेंदबाज़ों को कोई सफलता नहीं लेने दी। दोनों बल्लेबाज़ों ने नाबाद शतक जमाए। मैच ड्रॉ करने पर सहमति बनने तक इकबाल 160 रन और लोत्रा 101 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए थे। इकबाल ने सुबह 94 रन से और लोत्रा ने 16 रन से अपनी पारी आगे बढ़ाई थी।

दूसरी पारी में 4 विकेट पर 342 रन तक पहुंचते ही दोनों टीमों के कप्तानों ने मुकाबला ड्रॉ घोषित करने का फैसला किया। इस तरह जम्मू-कश्मीर की कुल बढ़त 633 रन हो गई। यह रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर का पहला खिताब है। 67 साल के लंबे इंतज़ार के बाद मिली यह जीत राज्य की क्रिकेट इतिहास में स्वर्णिम अध्याय बन गई है।

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Journalist at Inside News 24x7 | Website | + posts

दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.


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