कुटुंब का पैग़ाम 2025” नुक्कड़ नाटक की प्रतियोगी श्रृंखला के ग्रैंड फिनाले का 15 नवम्बर को हुआ सफलतापूर्वक आयोजन


व़ी द न्यू डेफिनेशन ऑफ यंगस्टर्स फाउंडेशन द्वारा आयोजित “कुटुंब का पैग़ाम 2025” नुक्कड़ नाटक श्रृंखला का ग्रैंड फिनाले शनिवार को अद्भुत ऊर्जा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। यह आयोजन न सिर्फ युवाओं की प्रतिभा का उत्सव था, बल्कि पारिवारिक मूल्यों, सामाजिक ज़िम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं की सार्थक अभिव्यक्ति भी रहा।

इस वर्ष की थीम “कुटुंब का पैग़ाम 2025” को केंद्र में रखते हुए तीनों फाइनलिस्ट टीमों ने अपने प्रभावशाली नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से परिवार का महत्व समझाया। साथ ही यह संदेश दिया कि “आधुनिकता चाहे जितनी भी तेज़ क्यों न हो, अपनों के लिए और अपनों को साथ लेकर बढ़ना ही असली उन्नति है। साथ ही इस बात पर भी जोर दिया कि और परिवार वह जड़ है जिसमें समाज की आत्मा बसती है।

तीनों फाइनलिस्ट टीमों ने लखनऊ पब्लिक कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज , जी. सी.आर. जी. कॉलेज, भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के साथ-साथ नैशनल एसोशिएसन ऑफ ब्लाइंड संस्था की तरफ से दृष्टिहीन छात्रों ने विशेष प्रस्तुति दी। जिसमें अपनी-अपनी अनूठी प्रस्तुति के माध्यम से यह दर्शाया कि कुटुंब केवल व्यक्तियों का समूह नहीं, बल्कि भावनाओं, भरोसे और परंपराओं की वह डोर है, जो हर पीढ़ी को एक-दूसरे से जोड़ती है।

कार्यक्रम में पूर्व मुख्य न्यायमूर्ति एआर मसूदी बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे।

मुख्य अतिथि ने कहा कि “युवा कलाकारों ने परिवार की संवेदनाओं को मंच पर जिस सहजता से जीवंत किया, वह आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।”

पहले स्थान पर बीबीएयू, दूसरे पर एलपीसीपीएस रही, वहीं तीसरा स्थान जीसीआरजी ने हासिल किया। 

इस अवसर पर वी द न्यू डेफिनेशन ऑफ यंगस्टर्स फाउंडेशन के संस्थापक श्री देश दीपक सिंह ने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल नाट्य मंच नहीं, बल्कि युवाओं में सामाजिक जागरूकता और मानवीय मूल्यों का संचार करने का प्रयास है। उन्होंने कहा “घर दीवारों से नहीं, विश्वास से खड़ा रहता है और रिश्ते समय नहीं, समझ मांगते हैं; यही संदेश ‘कुटुंब का पैग़ाम’ का सार है।”

फाउंडेशन पिछले 11 वर्षों से युवाओं को सामाजिक और मानवीय विषयों पर आधारित नाट्य मंच प्रदान कर रहा है, जहाँ विद्यार्थी समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश लेकर आते हैं।

कार्यक्रम में जस्टिस महेंद्र दयाल, जस्टिस रंगनाथ पांडे वरिष्ठ रंगकर्मा व अभिनेता अंशुमाली टंडन, वरुण टम्टा, केशव पंडित, आनंद असवाल, एडवोकेट

आईबी सिंह, चित्रकार सुगंधा महेश्वरी, रास बिहारी शाह और लखनऊ के कई शिक्षाविद्, कलाकार, साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे और युवा प्रतिभाओं को सराहा।

About the Reporter

Journalist at Inside News 24x7 | Website | + posts

दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *