भारी कर्ज में डूबा ताकतवर अमेरिका, ऋण चुकाने को लेकर हो रही माथापच्ची, बातचीत में उभरे मतभेद


अमेरिका की वित्त मंत्री जेनेट येलेन कह चुकी हैं कि अमेरिकी सरकार को कर्ज चुकाने में बड़ी दिक्कतें पेश आ सकती हैं। ऐसे में दुनियाभर में आर्थिक संकट पैदा हो सकता है।

इस समय अमेरिका भयानक कर्ज में डूबा हुआ है। अमेरिका पर भारतीय रुपयों में 2,584 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। ये कर्ज अमेरिका की कुल GDP का 124 प्रतिशत है। अमेरिका की वित्त मंत्री जेनेट येलेन कह चुकी हैं कि अमेरिकी सरकार को  कर्ज चुकाने में बड़ी दिक्कतें पेश आ सकती हैं। ऐसे में दुनियाभर में आर्थिक संकट पैदा हो सकता है। इसे इस तरह भी समझा जा सकता है कि यदि आज अमेरिका अपनी पूरी अर्थव्यवस्था बेच भी दे तो सारा कर्ज नहीं चुका पाएगा। इसी बीच व्हाइट हाउस और सदन में रिपब्लिकन सदस्यों के बीच ऋण सीमा की बातचीत अमेरिकी कैपिटल में दोबारा शुरू हुई।

अमेरिकी सरकार अपनी देनदारियों में चूक न करे, इसके लिए बातचीत का सकारात्मक नतीजा निकलना जरूरी है। राष्ट्रपति जो बाइडन की सरकार सदन के स्पीकर केविन मैक्कार्थी की अगुवाई वाले रिपब्लिकन दल के साथ एक समझौते के करीब है। देश के बिलों का भुगतान जारी रखने के लिए उधार सीमा को एक जून तक बढ़ाना जरूरी है, जो इस समय 31,000 अरब अमेरिकी डॉलर है।

खर्च में भारी कटौती की मांग कर रहे हैं रिपब्लिकन

रिपब्लिकन खर्च में भारी कटौती की मांग कर रहे हैं, जबकि डेमोक्रेट इसका विरोध कर रहे हैं। इससे पहले दिन में मैक्कार्थी ने कहा था कि बातचीत को विराम देने की जरूरत है, लेकिन बातचीत करने वाले दलों ने शाम को फिर से बैठक बुलाई। जापान में जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने गए बाइडन पूरे मसले पर फिलहाल कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव काराइन जीन-पियरे ने कहा कि बाइडन अभी भी आशावादी हैं, और एक समझौता किया जा सकता है।

‘कर्ज पर बातचीत के लिए बाइडन ने कैंसिल करा दी थी ‘क्वाड’ की बैठक

इससे पहले अमेरिकी वित्तमंत्री येलेन ने कहा था कि इस मुद्दे पर रिपब्लिकन पार्टी के असहयोग से संकट खड़ा हुआ है। डिफॉल्ट के खतरे से अमेरिकी सरकार की क्रेडिट रेटिंग में गिरावट आ सकती है। अमेरिका कर्ज को लेकर कितना चिंतित है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने हाल ही में आस्ट्रेलिया में होने वाली ‘क्वाड’ समिट में हिस्सा लेने के लिए अपनी यात्रा कैंसिल कर दी। इस अहम बैठक के कैंसिल करने पर चीन ने अमेरिका का उपहास भी उड़ाया। लेकिन बाइडन को पता था कि इस कर्ज के लिए विभिन्न पार्टियों के साथ बैठक करना कितना जरूरी था।

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दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.


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