अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने G7 शिखर सम्मेलन में ईरान को धमकी दी कि यदि अंतरिम समझौता पसंद नहीं आया या तेहरान ठीक से व्यवहार नहीं करता है तो उस पर फिर से बमबारी हो सकती है।

ट्रंप की ईरान को सख्त चेतावनी, बोले- समझौता पसंद नहीं आया तो फिर होगी बमबारी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि दोनों देशों के बीच हुआ अंतरिम परमाणु समझौता अभी अंतिम नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि प्रस्तावित समझौता अमेरिका के हितों के अनुरूप नहीं रहा या ईरान ने अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं किया, तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप ने फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा कि यह केवल एक मसौदा समझौता है और अंतिम निर्णय अभी बाकी है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “अगर मुझे यह समझौता पसंद नहीं आया तो हम फिर से उनके ऊपर बम गिराएंगे।” ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अंतरिम समझौते में ईरान को तत्काल अमेरिकी प्रतिबंधों से कोई राहत नहीं दी जाएगी। उनका कहना था कि यदि तेहरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर किसी स्थायी और संतोषजनक समझौते पर सहमत नहीं होता, तो पूरी प्रक्रिया फिर से शुरू करनी पड़ेगी। ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है, खासकर ऐसे समय में जब शुक्रवार को जिनेवा में इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर होने की संभावना है।
2015 के परमाणु समझौते पर ओबामा को घेरा, ईरान को नकद भुगतान का लगाया आरोप
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन के दौरान वर्ष 2015 में हुए ईरान परमाणु समझौते की भी तीखी आलोचना की। उन्होंने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पर आरोप लगाया कि उस समझौते के तहत ईरान को 1.7 अरब डॉलर नकद दिए गए थे, जिसे ट्रंप ने अमेरिका के लिए नुकसानदायक करार दिया। मिस्र के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी ऐसे समझौते का समर्थन नहीं करेगी जिससे ईरान को आर्थिक या रणनीतिक लाभ मिले और वह भविष्य में परमाणु गतिविधियों को बढ़ावा दे सके। ट्रंप ने दोहराया कि उनकी प्राथमिकता ऐसा समझौता करना है जो अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। उनका कहना था कि यदि ईरान पूरी पारदर्शिता के साथ अपने परमाणु कार्यक्रम को नियंत्रित करने के लिए तैयार नहीं होता, तो अमेरिका कठोर कदम उठाने से नहीं हिचकेगा। ट्रंप की यह टिप्पणी उनके पहले कार्यकाल की उस नीति की याद दिलाती है, जिसमें उन्होंने ओबामा काल के परमाणु समझौते से अमेरिका को बाहर निकालते हुए ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे।
जी-7 में ट्रंप का दबदबा, रूस-यूक्रेन और मध्य पूर्व में शांति की उम्मीद
जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आत्मविश्वास भरे अंदाज में कहा, “मैं बॉस हूं।” उनके इस बयान ने सम्मेलन में मौजूद अन्य नेताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। ट्रंप ने यूक्रेन को समर्थन जारी रखने और रूस पर नए प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर जी-7 देशों के साथ साझा संकल्प दोहराया। उन्होंने बताया कि उनकी यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ हुई बैठक बेहद सकारात्मक रही और दोनों नेताओं ने युद्ध की वर्तमान स्थिति तथा भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। जी-7 देशों ने ईरान के साथ प्रस्तावित अंतरिम समझौते का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे मध्य पूर्व में तनाव कम होगा। साथ ही नेताओं ने लेबनान में तत्काल संघर्ष विराम की अपील की और यह विश्वास भी व्यक्त किया कि जिस तरह ईरान के साथ कूटनीतिक समाधान की दिशा में प्रगति हुई है, उसी तरह रूस और यूक्रेन के बीच भी भविष्य में स्थायी शांति समझौते का रास्ता निकल सकता है। हालांकि ट्रंप के आक्रामक बयानों ने यह भी संकेत दिया है कि अमेरिका कूटनीति के साथ-साथ सैन्य विकल्पों को भी पूरी तरह खुला रखना चाहता है, जिससे आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति पर इसके व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
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दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.
