लखनऊ में कितने घर हैं ‘कानूनी’? अधिकारी से खुद लीजिए जान, उड़ जाएंगे होश


जब भी आग लगती है या कोई बड़ा हादसा होता है तो हम सब नियमों की बात करने लग जाते हैं. सवाल जवाब होने लगते हैं कि आखिर नक्शा क्यों पास नहीं है? फायर सेफ्टी क्यों नहीं है? अब सोचिए एलडीए के एक अधिकारी ने खुद ऐसे आंकड़ें बताए हैं, जिन्हें जानकर पैरों तले जमीन खिसक जाएगी.

लखनऊ में सिर्फ 6% मकानों के ही पास हैं स्वीकृत नक्शे, एलडीए वीसी का बड़ा खुलासा

अलीगंज के कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने की घटना के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) पूरे शहर में अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की जांच को लेकर लगातार कार्रवाई कर रहा है। इस अभियान के बीच एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार लखनऊ में केवल 6 प्रतिशत मकानों के ही नक्शे विधिवत स्वीकृत हैं, जबकि 94 प्रतिशत भवन बिना मंजूर नक्शे के बनाए गए हैं। उनका कहना है कि यदि इन सभी भवनों पर एक साथ कार्रवाई की जाए तो पूरे शहर में अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है। यही कारण है कि एलडीए चरणबद्ध और संतुलित तरीके से कार्रवाई कर रहा है, ताकि कानून का पालन भी हो और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना भी न करना पड़े।

एलडीए का फोकस सुरक्षा मानकों पर, लोगों को परेशान करना नहीं उद्देश्य

प्रथमेश कुमार ने स्पष्ट किया कि एलडीए का उद्देश्य किसी भी नागरिक का उत्पीड़न करना नहीं है, बल्कि भवनों में आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराना है। अलीगंज अग्निकांड के बाद विशेष रूप से अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। प्राधिकरण यह सुनिश्चित करना चाहता है कि आवासीय, व्यावसायिक भवनों, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, होटलों और अन्य सार्वजनिक परिसरों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम मौजूद हों। फायर सेफ्टी उपकरण, आपातकालीन निकास, वैध निर्माण और निर्धारित मानकों का पालन अब जांच का प्रमुख आधार बन गए हैं। एलडीए का मानना है कि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोकने के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जागरूकता और नियमों का पालन भी उतना ही जरूरी है।

15 मीटर से कम ऊंचाई वाले भवनों को मिली बड़ी राहत

लगातार चल रही सीलिंग और प्रवर्तन कार्रवाई के बीच एलडीए ने भवन स्वामियों को राहत भी दी है। प्राधिकरण ने नए निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 15 मीटर से कम ऊंचाई वाले भवनों के मालिक यदि स्व-प्रमाणपत्र (सेल्फ सर्टिफिकेशन) जमा कर देते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि उनके भवन में आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है, तो उनके खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई या सीलिंग नहीं की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को नियमों के पालन के लिए प्रोत्साहित करना और अनावश्यक विवादों से बचना है। एलडीए ने भवन मालिकों से अपील की है कि वे समय रहते आवश्यक दस्तावेज जमा करें और अपने भवनों में फायर सेफ्टी समेत सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें, ताकि शहर को सुरक्षित बनाया जा सके और भविष्य में किसी भी बड़े हादसे की पुनरावृत्ति न हो।

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Journalist at Inside News 24x7 | Website | + posts

दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.


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