हाईवे किनारे महानपुर गांव से लेकर हनुमानगंज बाजार तक कई कबाड़ की दुकानें बेरोकटोक संचालित हो रही हैं। जहां रोजाना 10-20 साल पुराने वाहन काटे जा रहे हैं। कबाड़ की दुकानें चोरों के लिए मुफीद होती हैं। इन्हीं पर वे चोरी के वाहन व सामान भी लाकर बेचते हैं।

सूत्र, भदैंया (सुलतानपुर) : देश के विभिन्न प्रांतों से आए लक्जरी वाहन तथा मालवाहक हाईवे किनारे पलक झपकते ही गैस कटर से काटकर कबाड़ में तब्दील कर दिए जाते हैं।
महानपुर से लेकर हनुमानगंज तक खुलीं अनाधिकृत दुकानों पर यह कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। वाहनों के अवशेष को जलाकर वातावरण भी प्रदूषित किया जा रहा है। पुलिस-प्रशासन इस मामले में कार्रवाई नहीं कर रहा है।
दिन-रात चलता है वाहनों के काटने का सिलसिला
हाईवे किनारे महानपुर गांव से लेकर हनुमानगंज बाजार तक कई कबाड़ की दुकानें बेरोकटोक संचालित हो रही हैं। इन पर रोजाना दस से बीस साल पुराने वाहन काटे जा रहे हैं।
चोरी के मामले भी आ चुके हैं सामने
कबाड़ की दुकानें चोरों के लिए मुफीद होती हैं। इन्ही पर वे चोरी के वाहन व सामान भी लाकर बेचते हैं। साल भर पहले एक कबाड़ की दुकान से तत्कालीन देहात कोतवाल बीपी सिंह ने चोरी की बोलेरो बरामद की थी। मामले में तीन लोगों पर एफआइआर दर्ज कर जेल भेजा था । साल भर पहले एक दुकान से तीन सौ आधार कार्ड भी बरामद हुए थे, जो आसपास के गांवों के लोगों के थे।
महीने भर पहले दो किशोर चोरी की बाइक सहित रंगेहाथ पकड़े गए थे, जिनके द्वारा बेचे गए वाहन कबाड़ की दुकान पर मिले थे। तीन दिन पहले गोसाईंगंज से चोरी हुई ट्राली भी हनुमानगंज के पास कबाड़ की दुकान से सौ मीटर दूर बाग में मिली थी।
शिकायत पर होती है कार्रवाई
देहात कोतवाल कृष्ण मोहन सिंह ने बताया कि चोरी की जो भी घटनाएं होती हैं, उनमें कार्रवाई की जाती है। कबाड़ की दुकानों पर हलका दारोगा की नजर रहती है। शिकायत पर जांच होती है।
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दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.
