आगरा मंडल आयुक्त के न्यायालय ने “उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएट्स” की अपील खारिज कर यूपीसीए की वैधानिक स्थिति को बरकरार रखा। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि “उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन” नाम से पहले से पंजीकृत संस्था मौजूद है, इसलिए समान नाम से पंजीकरण विधिसम्मत नहीं था।


यूपीसीए को न्यायिक राहत, आगरा मंडल आयुक्त ने अपील की खारिज

उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) को एक महत्वपूर्ण कानूनी मामले में बड़ी राहत मिली है। आगरा मंडल के आयुक्त के न्यायालय ने वाद संख्या 3604/2025 में 25 मई 2026 को पारित आदेश के तहत तथाकथित “उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएट्स” द्वारा दायर अपील को निरस्त कर दिया है। इस फैसले को यूपीसीए की वैधानिक स्थिति और अधिकारों के पक्ष में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। न्यायालय के इस आदेश के बाद संगठन से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवाद के एक अहम पहलू पर स्पष्टता आ गई है।

न्यायालय ने माना यूपीसीए का वैधानिक अस्तित्व

माननीय न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा कि “उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन” नाम से पहले से ही एक विधिक रूप से स्थापित और पंजीकृत संस्था अस्तित्व में है। ऐसे में समान नाम और समान उद्देश्यों वाली किसी अन्य संस्था को पंजीकृत करने का प्रयास विधि के अनुरूप नहीं माना जा सकता। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि पहले से स्थापित संस्था के नाम से मिलते-जुलते नाम का उपयोग कर पंजीकरण प्राप्त करना उचित नहीं था। इसी आधार पर संबंधित पंजीकरण को निरस्त करने के आदेश को न्यायालय ने पूरी तरह वैध और कानून सम्मत माना।

यूपीसीए की वैधानिक स्थिति को मिली मजबूती

आयुक्त न्यायालय का यह आदेश उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (कम्पनी) की कानूनी स्थिति और अधिकारों की पुनः पुष्टि करता है। संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि यूपीसीए प्रदेश में क्रिकेट संचालन और प्रशासन से जुड़ी मान्यता प्राप्त संस्था है। साथ ही, संस्था और उसके पदाधिकारियों के खिलाफ समय-समय पर लगाए गए आरोपों तथा फैलाए गए भ्रम को भी न्यायिक स्तर पर खारिज किया गया है। यूपीसीए का मानना है कि यह फैसला संगठन की विश्वसनीयता और पारदर्शी कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत करेगा।

दुष्प्रचार को झटका, क्रिकेट विकास के लिए प्रतिबद्धता दोहराई

यूपीसीए ने अपने वक्तव्य में कहा कि इस आदेश से जी.डी. शर्मा द्वारा किए जा रहे कथित भ्रामक प्रचार और भ्रम फैलाने के प्रयासों को एक और बड़ा झटका लगा है। संस्था का कहना है कि न्यायालय ने तथ्यों और विधिक स्थिति को स्पष्ट करते हुए ऐसे दावों की वास्तविकता सामने रख दी है। यूपीसीए ने दोहराया कि वह हमेशा पारदर्शिता, विधिक प्रक्रिया और क्रिकेट प्रशासन की गरिमा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रही है। संगठन ने यह भी कहा कि भविष्य में प्रदेश में क्रिकेट के विकास, खिलाड़ियों के हितों की सुरक्षा और खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए उसके प्रयास लगातार जारी रहेंगे।

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Journalist at Inside News 24x7 | Website | + posts

दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.


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