Amarnath Yatra: अमरनाथ यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को टट्टू, पिट्ठू और पालकी पर ले जाने वाले 2,900 से अधिक लोगों ने गुफा मंदिर की वार्षिक तीर्थयात्रा से पहले सेवाओं के विस्तार के लिए पंजीकरण कराया है. यात्रा को लेकर अधिकारियों ने जानकारी साझा की है. दक्षिण कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तीर्थस्थल के लिये एक जुलाई से यात्रा शुरू हो रही है.

जम्मू. अमरनाथ यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को टट्टू, पिट्ठू और पालकी पर ले जाने वाले 2,900 से अधिक लोगों ने गुफा मंदिर की वार्षिक तीर्थयात्रा से पहले सेवाओं के विस्तार के लिए पंजीकरण कराया है. यात्रा को लेकर अधिकारियों ने जानकारी साझा की है. दक्षिण कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तीर्थस्थल के लिये एक जुलाई से यात्रा शुरू हो रही है.
यात्रा के दो मार्ग हैं. दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग के पहलगाम के माध्यम से पारंपरिक 48 किलोमीटर का मार्ग और मध्य कश्मीर के गांदेरबल जिले के बालटाल होते हुये 14 किलोमीटर का छोटा मार्ग. रियासी के सहायक श्रम आयुक्त (एएलसी) ने कहा कि विभाग द्वारा रियासी के निवासी सेवा प्रदाताओं को आमंत्रित करने के बाद पिछले सप्ताह से पंजीकरण प्रक्रिया चल रही थी.
उन्होंने कहा, ‘‘अब तक 125 टट्टू वाले, 1,046 पिट्ठू वाले और 1,733 पालकी वाले पंजीकृत किए जा चुके हैं. कुल 2,904 लोगों का पंजीकरण किया गया है.’’ अधिकारी ने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण के लिए पंजीकरण काउंटर एएलसी कार्यालय में स्थापित किया गया है.
एएलसी ने कहा, ‘‘इच्छुक व्यक्तियों से अनुरोध है कि पंजीकरण के लिए संबंधित दस्तावेजों के साथ सभी कार्य दिवसों पर सुबह 10 बजे से शाम साढ़े चार बजे के बीच पंजीकरण के लिये कार्यालय में जायें.’’ उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने सेवा प्रदाताओं का परेशानी मुक्त पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन प्रावधान शुरू किया है.
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में बड़ा फैसला, अब डॉग स्क्वॉड रखेगा आतंकियों पर नजर, उधमपुर में होगी तैनाती
अमरनाथ यात्रा से पूर्व केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने उधमपुर जिले के अलग-अलग जगहों पर अपने विशेष डॉग स्क्वॉड को तैनात किया है. 62 दिवसीय अमरनाथ यात्रा 1 जुलाई को पहलगाम में नुनवान और मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के बालटाल के दो पारंपरिक मार्गों से शुरू होगी. सीआरपीएफ में 137 बटालियन के कमांडेंट रमेश कुमार ने कहा कि तीर्थयात्रियों के लिए डरने की कोई बात नहीं है. सीआरपीएफ में 137 बटालियन के कमांडेंट रमेश कुमार ने एएनआई के हवाले से कहा, “हम अमरनाथ यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए यहां तैनात हैं. तीर्थयात्रियों के लिए डरने की कोई बात नहीं है. हम यहां मुस्तैदी से काम कर रहे हैं.”
यात्रा से पहले जान लें कौन से फूड्स हैं प्रतिबंधित, किन्हें आप ले जा सकते हैं, ये रही लिस्ट
किन चीजों की नहीं है अनुमति –
-नॉनवेज फूड्स, अल्कोहल, तम्बाखू, गुटका, पान मसाला,
-भारी पुलाव या फ्राइड राइस, पूरी, भटूरा,
-पिज्जा, बर्गर, भरवा परांठा, डोसा,
-तली हुई रोटी, ब्रेड बटर, क्रीम वाले फूड्स,
-अचार, चटनी, पापड़, चाउमिन, फास्टफूड्स,
-कोल्ड ड्रिंक, काढ़ा, हलवा, जलेबी, गुलाब जामुन,
-लड्डू, खोया बर्फी, रसगुल्ला जैसे सभी हलवाई आइटम,
-क्रंची स्नैक्सस,चिप्स, कुरकुरे, मट्ठी, नमकीन मिक्सचर,
-पकोड़ा, समोसा, फ्राई ड्राई फ्रूट्स.
इन चीजों की अनुमति –
-अनाज, दालें, हरी सब्जियां, आलू, साग, न्यूट्रेला सोया चंक्स,
-बेसन की सब्जी, सादी दाल, हरी सलाद, फल और अंकुरित अनाज.
-सादा चावल, जीरा चावल, खिचड़ी और न्यूट्रेला चावल.
-रोटी, फुल्का, दाल रोटी, मिस्सी रोटी, मक्की की रोटी (बिना तेल/मक्खन के),
-तंदूरी रोटी, ब्रेड / कुलचा / डबल रोटी, रस्क, चॉकलेट, बिस्कुट,
-भुना हुआ चना और गुड़, सांबर, इडली, उत्तपम, पोहा ,
-वेजिटेबल सैंडविच (बिना क्रीम/मक्खन/चीज़ के), ब्रेड जैम,
-कश्मीरी नान (गिर्दा) और स्टीम्ड डंपलिंग्स (वेजिटेबल मोमोज़).
-हर्बल चाय, कॉफी, लो फैट दही, शरबत, लेमन स्क्वैश / पानी,
-लो फैट दूध, फलों का रस, सब्जियों का सूप, मिनरल वाटर, ग्लूकोज.
खीर(चावल/साबूदाना), सफेद जई (दलिया), अंजीर, किशमिश,
-खुबानी, अन्य सूखे मेवे (केवल भुने/कच्चे), लो फैट दूध सेवईं, शहद,
-उबली हुई मिठाई (कैंडी), भुना हुआ पापड़, खाखरा, तिल का लड्डू,
-ढोकला, चिक्की (गुचक), रेवेरी, फुलियां मखाने, मुरमरा,
-सूखा पेठा, आंवला मुरब्बा, फल मुरब्बा और हरा नारियल.
श्रद्धालुओं की सुरक्षा में न हो कोई चूक! बेस कैंप में लगाए जाएंगे 29 CCTV और 4 बॉडी स्कैनर
जम्मू-कश्मीर की शीतकालीन राजधानी में अमरनाथ यात्रा के तीर्थयात्रियों के मुख्य आधार शिविर में और उसके आस-पास करीब 29 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. यात्रा से जुड़े एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. जम्मू के भगवती नगर में यात्री निवास देश भर के तीर्थयात्रियों के लिए मुख्य आधार शिविर के रूप में कार्य करता है. अमरनाथ की 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा मंदिर में हिम शिवलिंग के दर्शन करने के लिए तीर्थयात्री यहीं से रवाना होते हैं. अमरनाथ तीर्थयात्रा एक जुलाई को दो रास्तों से शुरू होने वाली है. अधिकारियों के अनुसार यात्री निवास में लगभग 29 सीसीटीवी कैमरे और उसके आसपास के क्षेत्र में 360 डिग्री वाले दो बड़े कैमरे लगाए जाएंगे.
उन्होंने कहा कि ये कैमरे पूरे इलाके में चौबीसों घंटे इलेक्ट्रॉनिक तरीके से नजर रखेंगे. इसके अलावा वहां पर चार बॉडी स्कैनर भी लगाए जाएंगे. जम्मू के भगवतीनगर क्षेत्र में स्थित यात्री निवास में पहली बार एक वातानुकूलित सामुदायिक रसोई हॉल के अलावा आधार शिविर की सभी इमारतों और सेटअपों में क्लोज सर्किटेड फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी होंगे.
About the Reporter
उत्कर्ष कुमार पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले उत्कर्ष कुमार फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. उत्कर्ष मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.
