महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के राजकोट किले में मराठा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा सोमवार को ढह गई। इस प्रतिमा का पिछले साल दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनावरण किया था। प्रतिमा ढहने के मामले में विपक्ष ने महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा है।

मुंबई : महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के एक किले में मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फुट ऊंची प्रतिमा सोमवार को ढह गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। इस प्रतिमा का अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। अधिकारी ने बताया कि प्रतिमा मालवन स्थित सिंधुदुर्ग किले में दोपहर करीब एक बजे ढही। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ प्रतिमा के ढहने के वास्तविक कारण का पता लगाएंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि जिले में बीते दो-तीन दिनों में भारी बारिश हुई है और तेज हवाएं चली हैं।
35 फीट ऊंची प्रतिमा, जिसका अनावरण पिछले साल 4 दिसंबर को नौसेना दिवस समारोह के दौरान बहुत धूमधाम से किया गया था। पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में भारी बारिश और तेज़ हवाओं के बीच आज दोपहर 1 बजे के आसपास ढह गई।
पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने नुकसान का आकलन करने के लिए घटनास्थल का दौरा किया है। विशेषज्ञ वर्तमान में प्रतिमा ढहने के सटीक कारण की जांच कर रहे हैं। हालांकि, घटनास्थल पर मौजूद अधिकारी के अनुसार, जिले में हाल ही में खराब मौसम ने भी इसमें भूमिका निभाई हो सकती है।
विपक्ष ने गुणवत्ता पर उठाए सवाल
इस बीच, विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर लापरवाही और घटिया निर्माण गुणवत्ता का आरोप लगाया है। एनसीपी (एसपी) के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री जयंत पाटिल ने कहा, ‘राज्य सरकार इस घटना के लिए जिम्मेदार है, क्योंकि उसने उचित देखभाल नहीं की। सरकार ने काम की गुणवत्ता पर बहुत कम ध्यान दिया। इसने केवल एक कार्यक्रम आयोजित करने पर ध्यान केंद्रित किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रतिमा का अनावरण करने के लिए आमंत्रित किया गया। यह महाराष्ट्र सरकार केवल नए टेंडर जारी करती है, कमीशन स्वीकार करती है और उसी के अनुसार अनुबंध देती है।
जांच की मांग
शिवसेना (यूबीटी) के विधायक वैभव नाइक ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा, ‘राज्य सरकार जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर सकती है। प्रतिमा के निर्माण और स्थापना के लिए जिम्मेदार लोगों की गहन जांच होनी चाहिए।

मंत्री दीपक केसरकर ने दिया बयान
महाराष्ट्र के मंत्री दीपक केसरकर ने घटना को स्वीकार किया, लेकिन कहा कि अभी और विवरण आने बाकी हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरे पास घटना के बारे में सभी विवरण नहीं हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि पीडब्ल्यूडी मंत्री रवींद्र चव्हाण, जो सिंधुदुर्ग जिले के संरक्षक मंत्री भी हैं, ने कहा है कि मामले की गहन जांच की जाएगी।’ केसरकर ने आश्वासन दिया कि ढही हुई प्रतिमा के स्थान पर नई प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘हम उसी स्थान पर एक नई प्रतिमा स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी के अनावरण की गई यह प्रतिमा, समुद्री किले के निर्माण में शिवाजी महाराज के दूरदर्शी प्रयासों को श्रद्धांजलि देती है। हम इस मामले को तुरंत और प्रभावी ढंग से हल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे।’
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दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.
