
देश के वरिष्ठ खेल पत्रकार संतोष सुरी का आज सुबह निधन हो गया। उनके निधन की खबर से खेल जगत और मीडिया इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।
परिजनों के अनुसार, आज भोर करीब 3 बजे उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें गोमतीनगर स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनका अंतिम संस्कार गोमतीनगर स्थित बैकुंठ धाम में किया गया, जहां बड़ी संख्या में पत्रकारों और खेल जगत से जुड़ी हस्तियों ने अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की।
खेल पत्रकारिता जगत में “परफेक्ट जेंटलमैन” के रूप में पहचाने जाने वाले सूरी ने 1984 में टाइम्स ऑफ इंडिया के लखनऊ संस्करण से अपने करियर की शुरुआत की थी। वर्ष 2016 में सेवानिवृत्ति के बाद भी वह मिड-डे के साथ जुड़े रहे और लगातार क्रिकेट रिपोर्टिंग करते रहे। लगभग छह दशक लंबे अपने करियर में उन्होंने क्रिकेट वर्ल्ड कप समेत कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को कवर किया और अपने सरल व सटीक विश्लेषण के लिए विशेष पहचान बनाई। उत्तर प्रदेश क्रिकेट पर उनकी गहरी पकड़ के कारण उन्हें “यूपी क्रिकेट का इनसाइक्लोपीडिया” भी कहा जाता था।
उनके सहयोगियों, जिनमें असीम मुखर्जी और सैयद सबूर मोहम्मद शामिल हैं, ने बताया कि वह यूपी क्रिकेट पर एक किताब लिखना चाहते थे।
1958 में जर्मनी के बर्लिन में जन्मे सूरी ने बैंगलोर में पत्रकारिता की शिक्षा प्राप्त की थी। इसके अलावा उन्होंने गुजरात के जामनगर और पंजाब के पटियाला में भी काफी समय बिताया। पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें क्रिकेट खेलने का भी शौक था और उन्होंने स्कूल व क्लब स्तर पर मध्यम तेज गेंदबाज के रूप में खेला। उन्होंने पूर्व भारतीय क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू के साथ भी क्रिकेट खेला और 90 के दशक में लोकप्रिय शीशमहल क्रिकेट टूर्नामेंट में डीसीए-11 की ओर से खेलते हुए अजय जडेजा को शून्य पर आउट किया था।
उनके सानिध्य में कई युवा पत्रकारों ने खेल पत्रकारिता की बारीकियां सीखी। उनके परिवार में पत्नी ग्लोरिया और बेटी निकिता हैं। उनके निधन पर विभिन्न पत्रकार संगठनों और खेल जगत की हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
संतोष सुरी लंबे समय से खेल पत्रकारिता से जुड़े हुए थे और उन्होंने अपने करियर में वर्ल्ड कप और आईपीएल जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय आयोजनों की बेहतरीन कवरेज की। उनकी निष्पक्ष रिपोर्टिंग और खेल के प्रति गहरी समझ के लिए उन्हें खास पहचान मिली थी।
वे एक खुशमिजाज इंसान थे और अपने सहज स्वभाव के लिए जाने जाते थे। छोटे-बड़े सभी के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करना उनकी पहचान थी, जिसके चलते वे सहकर्मियों और खिलाड़ियों के बीच बेहद लोकप्रिय थे।
संतोष सुरी के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनके जाने से खेल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक बड़ी कमी आ गई है।
About the Reporter
दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.
