
तमिलनाडु में सत्ता का संघर्ष अब खत्म हो गया है क्योंकि वीसीके ने टीवीके प्रमुख विजय को अपना आधिकारिक समर्थन दे दिया है। 116 विधायकों के साथ पिछले तीन दिनों से राजभवन के चक्कर काट रहे विजय को बहुमत के लिए दो और विधायकों की जरूरत थी, जो वीसीके के साथ आने से पूरी हो गई है। अब 118 के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के बाद राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर द्वारा विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का रास्ता साफ हो गया है।

तमिलनाडु की राजनीति में अब सत्ता गठन की तस्वीर लगभग पूरी तरह साफ हो चुकी है। अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके को सरकार बनाने के लिए जरूरी समर्थन मिल गया है। विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) ने आधिकारिक रूप से टीवीके को समर्थन देने का एलान कर दिया है। इसके अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के दो विधायकों ने भी विजय के नेतृत्व को समर्थन दिया है। इन समर्थन पत्रों के बाद टीवीके गठबंधन तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के जादुई आंकड़े 118 से आगे निकल गया है। इससे राज्य में नई सरकार बनने का रास्ता पूरी तरह साफ माना जा रहा है।
कितने दलों ने दलों ने दिया समर्थन?
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कांग्रेस… सबसे पहले समर्थन देने वाले दलों में से एक। इनके पास 5 विधायक हैं।
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भाकपा… भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने “स्थिर और लोकतांत्रिक शासन” के लिए अपना समर्थन दिया है। इनके पास 2 विधायक हैं।
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माकपा… मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने भी आधिकारिक तौर पर टीवीके को समर्थन पत्र सौंपा है। इनके पास 2 विधायक हैं।
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वीसीके… थोल. थिरुमावलवन के नेतृत्व वाली इस पार्टी ने आज (9 मई) अपना समर्थन पत्र सौंपकर सस्पेंस खत्म कर दिया। इनके पास 2 विधायक हैं।
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आईयूएमएल… इस दल के दो विधायकों ने भी समर्थन दे दिया है। इसके बाद से अब बहुमत की संख्या 121 पहुंच गई है।
वीसीके अध्यक्ष थोल. थिरुमावलवन ने टीवीके की ओर से चुनाव अभियान की जिम्मेदारी संभाल रहे महासचिव आधव अर्जुना को औपचारिक समर्थन पत्र सौंपा। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्टी तमिलनाडु में विजय के नेतृत्व वाली सरकार के गठन का समर्थन करेगी। वीसीके के इस फैसले को राज्य की राजनीति में बड़ा मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि इससे टीवीके को स्थिर बहुमत हासिल करने में बड़ी मदद मिली है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वीसीके का समर्थन विजय की राजनीतिक स्वीकार्यता को और मजबूत करेगा।
इससे पहले विजय लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करने राजभवन पहुंचे थे। उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया, लेकिन उस समय उनके पास केवल 116 विधायकों का समर्थन था। राज्यपाल ने स्पष्ट कर दिया था कि जब तक 118 विधायकों का समर्थन पत्र प्रस्तुत नहीं किया जाता, तब तक संवैधानिक रूप से सरकार बनाने के लिए आमंत्रण नहीं दिया जा सकता। विजय ने इससे पहले 6 और 7 मई को भी सरकार गठन का दावा पेश किया था, लेकिन बहुमत का आंकड़ा पूरा न होने के कारण उन्हें इंतजार करना पड़ा।


तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सदस्य हैं और सरकार बनाने के लिए 118 सीटों का समर्थन जरूरी होता है। चुनाव में टीवीके को 108 सीटें मिली थीं। इसके बाद कांग्रेस के पांच विधायक, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के दो विधायक, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआईएम) के दो विधायक और वीसीके के दो विधायकों ने समर्थन देकर गठबंधन को मजबूत किया। इसके अलावा आईयूएमएल के दो विधायकों का समर्थन भी विजय को मिला। इन सभी समर्थन के बाद टीवीके गठबंधन का आंकड़ा 121 तक पहुंच गया। हालांकि विजय दो सीटों से विधायक चुने गए हैं, इसलिए उनकी केवल एक सीट ही प्रभावी मानी जाएगी। इस तरह गठबंधन का वास्तविक आंकड़ा 120 माना जा रहा है, जो बहुमत से दो अधिक है।
अब विजय के नेतृत्व में तमिलनाडु में नई सरकार बनने की संभावनाएं बेहद मजबूत हो गई हैं। राज्यपाल जल्द ही विजय को औपचारिक रूप से सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है। लंबे समय तक द्रविड़ राजनीति के दो प्रमुख दलों के बीच सीमित रही सत्ता की लड़ाई में अब टीवीके ने खुद को एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित कर दिया है। विजय के समर्थकों में इस घटनाक्रम के बाद भारी उत्साह देखा जा रहा है और पार्टी कार्यकर्ता इसे ऐतिहासिक जीत बता रहे हैं।
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दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.
