सचिवालय पास लगी इनोवा में लड़की की लाश मिली: NGO मालिक लखनऊ से हरिद्वार ले जा रहा था; पुलिस से बोला- फांसी लगाई


सचिवालय के पास कार में मिली 16 वर्षीय छात्रा की लाश, हरिद्वार ले जाते समय पुलिस ने पकड़ा मामला

लखनऊ: राजधानी लखनऊ में गुरुवार रात एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जब सचिवालय पास स्थित एक इनोवा कार में 16 वर्षीय छात्रा का शव मिला। पुलिस जांच में पता चला कि शव को एक गैर सरकारी संगठन (NGO) के संचालक और उनके सहयोगी हरिद्वार ले जा रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी।

पुलिस ने इनोवा से छात्रा का शव निकलवाकर कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा
पुलिस ने इनोवा से छात्रा का शव निकलवाकर कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा

कुशीनगर की रहने वाली थी पारुल

मृतका की पहचान पारुल के रूप में हुई है, जो मूल रूप से कुशीनगर जिले की रहने वाली थी। पारुल पिछले दो वर्षों से गोमतीनगर स्थित एक NGO में रहकर पढ़ाई कर रही थी। बताया जा रहा है कि वह दसवीं कक्षा की छात्रा थी। उसकी मां की कोरोना महामारी के दौरान मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद वह NGO की देखरेख में रह रही थी।

पुलिस को मिली संदिग्ध सूचना

पुलिस ने NGO संचालक और अन्य लोगों से पूछताछ की।
पुलिस ने NGO संचालक और अन्य लोगों से पूछताछ की।

पुलिस के अनुसार, गोमतीनगर निवासी रितेश रंजन चौबे देर रात थाने पहुंचे और जानकारी दी कि उनके ड्राइवर अभिषेक सक्सेना की बेटी पारुल ने NGO परिसर में आत्महत्या कर ली है। उन्होंने बताया कि अभिषेक सक्सेना कुशीनगर के रहने वाले हैं और फिलहाल NGO संचालक के परिवार को लेकर मसूरी गए हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम रितेश चौबे के साथ संस्था पहुंची और जांच शुरू की।

NGO संचालक ने बताई आत्महत्या की कहानी

NGO संचालक डॉ. सुशील चंद्र त्रिवेदी ने पुलिस को बताया कि 28 मई की शाम करीब साढ़े सात बजे पारुल ने संस्था के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने दावा किया कि रोज की तरह संस्था में पूजा-पाठ चल रहा था, लेकिन पारुल नीचे नहीं आई। जब काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिला तो लोगों ने बाथरूम का दरवाजा तोड़ा, जहां उसका शव फंदे से लटका मिला।

शव को हरिद्वार ले जाने की तैयारी

डॉ. त्रिवेदी के अनुसार, घटना की जानकारी मृतका के पिता अभिषेक सक्सेना को दी गई थी। उस समय वह मसूरी में थे। कथित तौर पर पिता ने शव को हरिद्वार ले जाने की बात कही थी, जिसके बाद संस्था के लोग शव लेकर रवाना हो गए। हालांकि पुलिस को इसकी सूचना मिलने पर रास्ते में ही मामला पकड़ में आ गया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।

मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर थी नाराजगी

NGO प्रबंधन का कहना है कि पढ़ाई के लिए पारुल को मोबाइल फोन दिया गया था, लेकिन वह उसका गलत इस्तेमाल करने लगी थी। संस्था के अनुसार, वह राजस्थान के एक युवक से लगातार चैटिंग करती थी। हालांकि पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है और मोबाइल फोन सहित अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही है।

जिस इनोवा कार से छात्रा के शव को हरिद्वार ले जाया जा रहा था, उस पर सचिवालय का पास लगा था।
जिस इनोवा कार से छात्रा के शव को हरिद्वार ले जाया जा रहा था, उस पर सचिवालय का पास लगा था।

फॉरेंसिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने मृतका के परिजनों को लखनऊ बुलाया है और उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। यदि परिजन कोई शिकायत दर्ज कराते हैं तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है।

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Journalist at Inside News 24x7 | Website | + posts

दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.


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