
विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में भीषण हादसा: पिघले लोहे की चपेट में आकर 8 श्रमिकों की मौत
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में सोमवार को एक दर्दनाक औद्योगिक हादसा हो गया, जिसमें कम से कम आठ श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना प्लांट की एसएमएस-2 और एसटीसी-3 हीट फैसिलिटी में उस समय हुई जब क्रेन के जरिए पिघले हुए लोहे से भरी एक विशाल बाल्टी (लैडल) को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा रहा था। अचानक लैडल से बड़ी मात्रा में पिघला हुआ लोहा नीचे गिर गया और वहां काम कर रहे कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद पूरे संयंत्र में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू कर दिया गया। देर शाम तक आठ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी, जबकि छह से अधिक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल पाए गए। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि कुछ कर्मचारी यूनिट के अंदर फंसे हो सकते हैं, जिसके चलते बचाव अभियान लगातार जारी रखा गया।
1,600 डिग्री सेल्सियस तापमान ने बढ़ाई तबाही, कई कर्मचारी बुरी तरह झुलसे

पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे के समय पिघले हुए लोहे का तापमान लगभग 1,600 डिग्री सेल्सियस था। इतनी अधिक गर्म धातु सीधे श्रमिकों पर गिरने से उन्हें बचने का मौका तक नहीं मिला। कई कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए और कुछ की मौके पर ही मौत हो गई। विशाखापत्तनम जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि शाम 6:30 बजे तक मृतकों में से छह के शव स्टील प्लांट के जनरल अस्पताल पहुंचाए जा चुके थे। हादसे के बाद आग भी लग गई, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। फायर एंड इमरजेंसी सर्विस की टीमों को तुरंत मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने आग बुझाने और अंदर फंसे कर्मचारियों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित कर्मचारियों की सही संख्या का पता लगाने के लिए सभी यूनिटों की जांच की जा रही है। राहत कार्यों में जिला प्रशासन, पुलिस, दमकल विभाग और प्लांट प्रबंधन मिलकर काम कर रहे हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को जल्द से जल्द समाप्त किया जा सके।
पीएम मोदी और मुख्यमंत्री नायडू ने जताया शोक, मुआवजे का एलान
इस दुखद हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी घटना पर दुख जताते हुए सभी संबंधित विभागों को राहत और बचाव कार्यों में समन्वय के साथ जुटने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। राज्य की गृह मंत्री वंगलापुडी अनिता ने भी जिला कलेक्टर और पुलिस आयुक्त से फोन पर बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने और अस्पतालों में सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। हादसे की जानकारी मिलते ही गृह मंत्री स्वयं घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं और लगातार अधिकारियों के संपर्क में बनी रहीं।
पहले भी सामने आ चुके हैं सुरक्षा संबंधी सवाल, हादसे की जांच शुरू
विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुआ यह हादसा सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह पहला मौका नहीं है जब संयंत्र में इस तरह की दुर्घटना हुई हो। वर्ष 2020 में भी मई से अगस्त के बीच कई हादसों में कर्मचारियों की जान गई थी। उस दौरान एसएमएस-2 यूनिट में 100 टन गर्म धातु ले जा रहे लैडल का हुक लगभग 30 से 40 फीट की ऊंचाई से गिर गया था। इसके अलावा टरबाइन ऑयल लीक होने से आग लगने की घटनाएं भी सामने आई थीं। उस वर्ष पूरे औद्योगिक क्षेत्र में करीब 29 लोगों की मौत दर्ज की गई थी। ताजा हादसे के बाद एक बार फिर प्लांट की सुरक्षा प्रणाली और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। राज्य सरकार और प्लांट प्रबंधन ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। विशेषज्ञों की टीम यह पता लगाएगी कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, उपकरणों की विफलता या मानवीय त्रुटि के कारण हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदी की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.
