संजय राउत ने कहा कि हमारी पार्टी को 60 साल हो गए. बहुत सारे घाव हमने झेले हैं. अगर पार्टी में संकट आएगा तो हम उसे सुलझा लेंगे.

शिवसेना (उद्धव गुट) में टूट की अटकलों पर संजय राउत का पलटवार, बोले- हमारे भी दिन आएंगे
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में संभावित टूट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार उद्धव ठाकरे गुट के कुछ सांसद और विधायक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के संपर्क में हैं। इन अटकलों के बीच शिवसेना (उद्धव गुट) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी को कमजोर समझने वालों को समय आने पर जवाब मिलेगा। उन्होंने कहा, “हमारे भी दिन आएंगे, तब हम दिखाएंगे कि पार्टियां कैसे तोड़ी जाती हैं।” राउत ने कहा कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ जैसी चर्चाएं यह साबित करती हैं कि विरोधी दल उन्हें और उनकी पार्टी को अब भी एक मजबूत राजनीतिक शक्ति मानते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई हमें टाइगर समझता है तो उसे यह भी समझना चाहिए कि टाइगर का ऑपरेशन करना आसान नहीं होता। उन्होंने दावा किया कि शिवसेना पिछले छह दशकों से अनेक राजनीतिक चुनौतियों और संकटों का सामना करती आई है और हर बार मजबूती से उभरी है।
‘ऑपरेशन टाइगर’ और सांसदों की मुलाकातों पर बोले राउत, पार्टी संकट से निपटने में सक्षम
संजय राउत ने स्पष्ट किया कि शिवसेना (उद्धव गुट) किसी भी संभावित राजनीतिक संकट से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी केवल सांसदों और विधायकों की नहीं बल्कि जमीनी कार्यकर्ताओं की पार्टी है, इसलिए किसी भी प्रकार की राजनीतिक हलचल से संगठन कमजोर नहीं होगा। हाल ही में शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय देशमुख की केंद्रीय मंत्री और शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता प्रतापराव जाधव से हुई मुलाकात को लेकर भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस पर राउत ने कहा कि किसी सांसद का किसी केंद्रीय मंत्री से मिलना सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे दल-बदल या राजनीतिक बदलाव से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी प्रधानमंत्री और कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करते हैं। इसलिए किसी एक बैठक के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। राउत ने दोहराया कि यदि पार्टी के सामने कोई चुनौती आती है तो नेतृत्व और संगठन मिलकर उसका समाधान निकालेंगे।
अनिल देसाई ने किया दावों का खंडन, बोले- टूट की खबरों में कोई तथ्य नहीं
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के लोकसभा सांसद अनिल देसाई ने भी पार्टी में टूट की खबरों को पूरी तरह निराधार बताया है। संसद भवन में संसदीय समितियों की बैठक में भाग लेने पहुंचे देसाई ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष से लगातार इस तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं, लेकिन इनमें कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने के दौरान उद्धव ठाकरे ने कई महत्वपूर्ण बैठकें की हैं, जिनमें पार्टी के अधिकांश सांसद और विधायक शामिल हुए। देसाई के अनुसार हाल की एक बैठक में चार सांसद व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे, जबकि पांच सांसदों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं की निजी व्यस्तताओं के कारण उनकी उपस्थिति नहीं हो सकी थी। संजय देशमुख के संबंध में उठ रहे सवालों पर देसाई ने बताया कि उनके बेटे की शादी के बाद वह अपने फार्मेसी व्यवसाय से जुड़े कार्यों के लिए दिल्ली आए थे और इसी दौरान उनकी प्रतापराव जाधव से मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात को राजनीतिक रंग देना पूरी तरह गलत है और शिवसेना (उद्धव गुट) एकजुट होकर आगे बढ़ रही है।
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दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.
