
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की SIT जांच पूरी, सरकार को सौंपी गई 140 पन्नों की रिपोर्ट
लखनऊ। राम मंदिर में चढ़ावे के धन में कथित हेरफेर और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी पड़ताल पूरी कर ली है। सूत्रों के अनुसार SIT ने लगभग 140 पन्नों की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेजी साक्ष्य, गवाहों के बयान, वित्तीय अभिलेखों का विश्लेषण तथा अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। बताया जा रहा है कि जांच टीम ने पिछले कई सप्ताहों में मंदिर प्रशासन से जुड़े विभिन्न व्यक्तियों से पूछताछ की और चढ़ावे के संग्रह, रखरखाव तथा उसके उपयोग से संबंधित रिकॉर्ड का गहन परीक्षण किया। रिपोर्ट सरकार तक पहुंचने के बाद अब संबंधित विभागों और उच्च अधिकारियों द्वारा इसकी समीक्षा की जा रही है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के निष्कर्ष इस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई की दिशा तय करेंगे।
मंदिर सचिव से घंटों पूछताछ, जांच अधिकारी अब भी सक्रिय

सूत्रों के मुताबिक जांच के अंतिम चरण में मंदिर सचिव से बंद कमरे में करीब तीन घंटे तक गहन पूछताछ की गई। इस दौरान उनसे चढ़ावे के प्रबंधन, लेखा-जोखा और विभिन्न वित्तीय प्रक्रियाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए। बताया जा रहा है कि SIT ने पूछताछ के दौरान कई दस्तावेजों और रिकॉर्ड का भी सामना कराया, जिनके आधार पर विस्तृत जानकारी हासिल की गई। हालांकि जांच एजेंसियों की ओर से अभी तक आधिकारिक रूप से कोई बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि जांच टीम को कई अहम जानकारियां प्राप्त हुई हैं। वहीं, जांच से जुड़े कुछ अधिकारी अभी भी मंदिर परिसर और उससे संबंधित क्षेत्रों में मौजूद बताए जा रहे हैं। इससे संकेत मिल रहे हैं कि रिपोर्ट सौंपे जाने के बावजूद कुछ प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं और तथ्यात्मक सत्यापन का कार्य जारी हो सकता है। प्रशासनिक स्तर पर भी इस मामले पर लगातार नजर रखी जा रही है।
रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की तैयारी, कई लोगों पर गिर सकती है गाज
सूत्रों के अनुसार SIT रिपोर्ट में दर्ज निष्कर्षों और साक्ष्यों के आधार पर कई व्यक्तियों के खिलाफ प्रशासनिक अथवा कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट में कुछ ऐसे बिंदुओं का उल्लेख किया गया है, जिनके आधार पर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जा सकती है। इसके अलावा मंदिर व्यवस्था से जुड़े कुछ सेवादारों की सेवाएं समाप्त किए जाने की भी चर्चा है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। सरकार द्वारा रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है। इस मामले ने मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। अब सभी की निगाहें सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि रिपोर्ट में उल्लिखित तथ्यों की पुष्टि के आधार पर कदम उठाए जाते हैं, तो यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है तथा मंदिर प्रशासन में व्यापक बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं।
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दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.
