भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने शहरभर में सुरक्षा जांच अभियान चलाकर फायर सेफ्टी मानकों का उल्लंघन करने वाली कई व्यावसायिक इमारतों पर कार्रवाई की। दर्जनों भवन सील किए गए और नोटिस जारी हुए। हादसे की जांच के साथ बिजली, भवन स्वीकृति और सुरक्षा व्यवस्थाओं में संभावित लापरवाही की भी पड़ताल जारी है।

अग्निकांड के बाद शहरभर में चला विशेष अभियान

अलीगंज सेक्टर-डी में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। घटना को गंभीरता से लेते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने बुधवार से राजधानी में अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जांच और सीलिंग अभियान शुरू किया। इस अभियान के दौरान एलडीए, अग्निशमन विभाग और बिजली विभाग की संयुक्त टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों में निरीक्षण किया। जांच में आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न मिलने पर 71 व्यावसायिक भवनों को सील कर दिया गया, जबकि 83 भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए गए। कार्रवाई के दायरे में कोचिंग संस्थान, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, होटल, लाइब्रेरी और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान शामिल रहे। अधिकारियों का कहना है कि जिन भवनों में अग्निशमन मानकों की अनदेखी मिली, उनके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की गई है।
हजरतगंज से गोमतीनगर तक सख्ती, नियमों के उल्लंघन पर सीलिंग
एलडीए की टीम ने हजरतगंज स्थित हलवासिया कोर्ट परिसर में भी कार्रवाई करते हुए दो कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया। इनमें एक भवन भाजपा नेता का बताया जा रहा है, जहां कार्यालय के लिए स्वीकृत मानचित्र के बावजूद कोचिंग संचालित की जा रही थी। विरोध के बावजूद एलडीए ने स्पष्ट कर दिया कि भवन का उपयोग स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही किया जाएगा और लिखित आश्वासन मिलने तक सीलिंग नहीं हटाई जाएगी। इसी प्रकार गोमतीनगर, अलीगंज, आलमबाग सहित कई इलाकों में भी कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान कई भवनों में आपातकालीन निकास का अभाव, संकरे रास्ते, केवल एक प्रवेश-निकास मार्ग, सेटबैक क्षेत्र पर अवैध कब्जा और अग्निशमन उपकरणों की कमी जैसी गंभीर खामियां सामने आईं। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे भवन किसी भी आपदा की स्थिति में लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।
पुलिस जांच तेज, भवन मालिक और दस्तावेजों की हो रही पड़ताल
सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद पुलिस ने विवेचना तेज कर दी है। बुधवार को पुलिस टीम ने एक बार फिर घटनास्थल का निरीक्षण कर इमारत का नजरी नक्शा तैयार किया। विवेचक ने एलडीए, नगर निगम, बिजली विभाग और विद्युत निदेशालय से वर्ष 2016 से अब तक के सभी संबंधित दस्तावेज तलब किए हैं। इनमें भवन का स्वीकृत नक्शा, बिजली कनेक्शन, हाउस टैक्स, व्यावसायिक लाइसेंस और अन्य अनुमतियों की जानकारी शामिल है। इंस्पेक्टर अलीगंज ने संबंधित विभागों और फायर ब्रिगेड अधिकारियों के साथ बैठक कर आग लगने के संभावित कारणों पर भी चर्चा की। पुलिस को जानकारी मिली है कि भवन मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला का सेक्टर-डी में एक और व्यावसायिक भवन है, जहां भी सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस आरोपी की संपत्तियों और अन्य संभावित जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) बबलू कुमार ने कहा कि सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
15 मीटर से ऊंची इमारतों की होगी विशेष जांच
अग्निकांड के बाद दमकल विभाग ने राजधानी में 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले सभी भवनों की सूची तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। इन इमारतों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों, आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा मानकों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। जहां भी कमियां मिलेंगी, वहां भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर सुधार करने के निर्देश दिए जाएंगे। इसके अलावा शहर के विभिन्न बाजारों में बेसमेंट में संचालित दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का भी सर्वे कराया जा रहा है। व्यापारियों को अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म और अन्य सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से स्थापित करने के निर्देश दिए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
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दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.

