सबसे अधिक जोन दो से 14, जोन एक से छह, जोन छह से तीन और जोन पांच से एक आवेदन प्राप्त हुए। जोन तीन, चार और सात से एक भी आवेदन नहीं आए।

अलीगंज अग्निकांड के बाद हरकत में एलडीए, सील संस्थानों के लिए बनाई हेल्पडेस्क
लखनऊ के अलीगंज में बीते सोमवार अवैध व्यावसायिक भवन में भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शहरभर में अग्नि सुरक्षा और विद्युत सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस अभियान के तहत कई कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, नर्सिंग होम और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील किया गया। अब ऐसे संस्थानों को राहत देने के लिए एलडीए ने विशेष हेल्पडेस्क की शुरुआत की है, जहां भवन संचालकों को शपथ पत्र और आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है। पहले ही दिन बड़ी संख्या में संचालक अपनी फाइलें लेकर एलडीए कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से अनुरोध किया कि उनके भवनों की निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द सील हटाई जाए ताकि संस्थानों का संचालन दोबारा शुरू हो सके।
‘साहब, हमारी बिल्डिंग सभी मानकों पर खरी है’, संचालकों ने रखी अपनी बात
हेल्पडेस्क पर पहुंचे अधिकांश संचालकों का कहना था कि उनके भवन सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन करते हैं और उन्हें बिना उचित जांच के सील कर दिया गया। कानपुर रोड स्थित सेक्टर-बी के पीडब्ल्यू डिफेंस कोचिंग के संचालक विकास सिंह अपनी पूरी फाइल लेकर एलडीए पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उनका संस्थान जिस एमवी टावर में संचालित हो रहा है, वहां विद्युत एवं अग्निशमन विभाग के सभी आवश्यक मानकों का पालन किया गया है। भवन में अतिरिक्त निकास द्वार, अग्निशमन उपकरण और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं मौजूद हैं, जिनकी मौके पर जांच कराई जा सकती है। इसके बावजूद 24 जून को उनके संस्थान को सील कर दिया गया। उन्होंने अधिकारियों से मांग की कि यदि जांच में सभी मानक पूरे पाए जाते हैं तो तत्काल सील हटाकर बच्चों की पढ़ाई दोबारा शुरू कराई जाए।
24 संचालकों ने सौंपे आवेदन, 72 घंटे में होगी संयुक्त जांच
एलडीए की हेल्पडेस्क पर पहले दिन कुल 24 संचालकों ने अपने आवेदन जमा किए। इनमें सबसे अधिक 14 आवेदन जोन-2 से प्राप्त हुए, जबकि जोन-1 से छह, जोन-6 से तीन और जोन-5 से एक आवेदन मिला। जोन-3, 4 और 7 से कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। एलडीए अधिकारियों के अनुसार, सभी आवेदनों के साथ जमा किए गए दस्तावेजों की पहले विस्तृत जांच की जाएगी। इसके बाद संबंधित जोनल अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। विद्युत सुरक्षा निदेशालय, अग्निशमन विभाग और एलडीए की संयुक्त टीम 24 से 72 घंटे के भीतर संबंधित भवनों का स्थलीय निरीक्षण करेगी। जांच में यदि भवन सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं तो आगे की कार्रवाई करते हुए स्थायी समाधान और सील हटाने पर निर्णय लिया जाएगा।
कोचिंग बंद होने से प्रभावित हो रही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
हेल्पडेस्क पर पहुंचे कई संचालकों ने कहा कि संस्थानों के बंद होने से हजारों छात्रों की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित हो रही है। कानपुर रोड स्थित सेंचुरियन डिफेंस अकादमी के केंद्र प्रमुख राजेश खन्ना ने बताया कि उनका संस्थान कोचिंग विनियम अध्यादेश-2002 के सभी निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करता है, फिर भी उसे 24 जून को सील कर दिया गया। उन्होंने एलडीए से निष्पक्ष निरीक्षण कराकर जल्द सील हटाने की मांग की। वहीं, अनुज कुमार शुक्ल ने दावा किया कि उनका भवन सभी आवश्यक मानकों को पूरा करता है। ऊषा देवी ने शपथ पत्र के माध्यम से अधिकांश सुरक्षा मानकों के पालन की जानकारी दी। सेक्टर-एच के सुग्रीव मौर्य ने बताया कि 11 जून को अग्निशमन विभाग ने उनके भवन का निरीक्षण किया था और विभाग के निर्देशानुसार अधिकांश सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। वहीं सतीश कुमार पाल ने कहा कि उन्हें विद्युत सुरक्षा निदेशालय से एनओसी भी प्राप्त हो चुकी है और फायर विभाग का निरीक्षण भी पूरा हो चुका है। अब सभी संचालकों को संयुक्त जांच रिपोर्ट और एलडीए के अंतिम निर्णय का इंतजार है।
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दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.
