अर्जुन देव वर्ष 2009 से लगातार अयोध्या में तैनात थे। इस दौरान कई बार उनके तबादले के आदेश हुए, लेकिन हर बार किसी न किसी स्तर पर रुक गए। हाल में लखनऊ तबादले का आदेश भी निरस्त हो गया था। चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद उन्हें हटा दिया गया है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच तेज, 17 वर्षों से तैनात अधिकारी को हटाया गया
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में करोड़ों रुपये के चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। इस प्रकरण में आरोपियों के घरों पर छापेमारी और पूछताछ के बीच मंदिर में पिछले 17 वर्षों से तैनात रेडियो ऑपरेशन अधिकारी (आरएमओ) अर्जुन देव को उनकी जिम्मेदारी से हटा दिया गया है। अर्जुन देव के पास मंदिर परिसर में लगे लगभग 1600 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की अहम जिम्मेदारी थी। इनमें चढ़ावे की गणना वाले काउंटिंग रूम के कैमरे भी शामिल थे। ऐसे में विशेष जांच दल (एसआईटी) और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद लंबे समय तक करोड़ों रुपये के चढ़ावे की चोरी कैसे होती रही। जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि निगरानी प्रणाली में आखिर किस स्तर पर चूक हुई और सुरक्षा व्यवस्था क्यों प्रभावी साबित नहीं हो सकी।
17 साल तक एक ही स्थान पर तैनाती बनी जांच का अहम बिंदु
सूत्रों के अनुसार अर्जुन देव वर्ष 2009 से लगातार अयोध्या में तैनात थे। इस दौरान कई बार उनके तबादले के आदेश जारी हुए, लेकिन हर बार किसी न किसी स्तर पर उन्हें रोक दिया गया। हाल ही में उनका लखनऊ स्थानांतरण भी निरस्त कर दिया गया था। अब एसआईटी इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है कि आखिर उनके तबादले बार-बार किसके हस्तक्षेप से रोके गए और उन्हें एक ही जिले में 17 वर्षों तक बनाए रखने की वजह क्या थी। जांच में यह भी सामने आया है कि अर्जुन देव केवल वायरलेस संचार और सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं थे, बल्कि वीआईपी दर्शन व्यवस्था सहित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कई प्रशासनिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे। एसआईटी उनसे पूछताछ कर चुकी है और अब उनके अधिकार क्षेत्र, जिम्मेदारियों तथा ट्रस्ट के पदाधिकारियों से उनके संबंधों की भी विस्तार से जांच की जा रही है।
ट्रस्ट की व्यवस्था पर उठे सवाल, संघ भी जुटा फीडबैक लेने में
इस पूरे घटनाक्रम के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के दिल्ली जाने की चर्चाएं भी सामने आईं, हालांकि अधिकारियों ने इन दावों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि वह अयोध्या में ही मौजूद हैं। दूसरी ओर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए अपनी आंतरिक रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार अयोध्या में संतों, महंतों और मंदिर से जुड़े विभिन्न लोगों से लगातार फीडबैक ले रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट के आधार पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक व्यवस्था और संभावित पुनर्गठन पर आगे मंथन किया जा सकता है। फिलहाल एसआईटी की जांच जारी है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
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दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.
