अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह कभी परमाणु हथियार या परमाणु बम नहीं बनाएगा। ट्रंप ने कहा कि यह शर्त किसी भी संभावित समझौते और युद्धविराम के लिए बेहद जरूरी है।

ट्रंप ने मांग की कि होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत दोनों दिशाओं में सभी जहाजों के लिए बिना किसी टोल और रोक-टोक के खोल दिया जाए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को बाधित नहीं होना चाहिए और समुद्री व्यापार सामान्य रूप से जारी रहना चाहिए।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाई गई नौसैनिक नाकाबंदी अब हटाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जलडमरूमध्य में फंसे जहाज अब अपने गंतव्य की ओर लौट सकते हैं और समुद्री रास्ता फिर से सुरक्षित बनाया जा रहा है।
ट्रंप ने कहा कि समुद्र में मौजूद सभी नौसैनिक बारूदी सुरंगों को हटाया या विस्फोट कर खत्म किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ने पहले ही कई सुरंगों को अपने आधुनिक अंडरवॉटर माइंसवीपर्स की मदद से नष्ट कर दिया है, जबकि बाकी सुरंगों को ईरान हटाएगा।
ट्रंप ने कहा कि करीब 11 महीने पहले अमेरिकी B2 बॉम्बर हमले के बाद पहाड़ों के नीचे दबे संवर्धित परमाणु पदार्थ, जिसे उन्होंने “न्यूक्लियर डस्ट” कहा, को बाहर निकालकर नष्ट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस मिशन में अमेरिका, चीन, ईरान और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) मिलकर काम करेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ कहा कि “अगली सूचना तक किसी तरह का पैसा लेन-देन नहीं होगा।” ट्रंप के मुताबिक, कुछ अन्य मुद्दों पर सहमति बन चुकी है, लेकिन आर्थिक मामलों पर फिलहाल रोक रहेगी।
ट्रंप ने कहा कि वह अब सिचुएशन रूम में बैठक करने जा रहे हैं, जहां US-Iran युद्धविराम मसौदे और आगे की रणनीति पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। उन्होंने अपने बयान के अंत में लोगों का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करने के लिए धन्यवाद भी दिया।
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दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.
