IPL के जमाने में फिर लौटेगा ‘शीश महल’ क्रिकेट टूर्नामेंट, लखनऊ की ऐतिहासिक शीश महल क्रिकेट प्रतियोगिता को फिर से शुरू करने की तैयारी तेज


लखनऊ। एक समय भारतीय घरेलू क्रिकेट में अपनी अलग पहचान रखने वाली लखनऊ की प्रतिष्ठित शीश महल क्रिकेट प्रतियोगिता को फिर से शुरू करने की कवायद तेज हो गई है। पूर्व मंत्री और पूर्व रणजी क्रिकेटर मोहसिन रजा इस ऐतिहासिक क्रिकेट टूर्नामेंट को पुनर्जीवित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि लखनऊ और भारतीय क्रिकेट की अमूल्य खेल धरोहर है, जिसे दोबारा शुरू किया जाना चाहिए।

वर्ष 1951 में शुरू हुई शीश महल क्रिकेट प्रतियोगिता ने कई दशकों तक देश के घरेलू क्रिकेट कैलेंडर में महत्वपूर्ण स्थान बनाए रखा। 1990 के दशक से लेकर 2000 के शुरुआती वर्षों तक इस टूर्नामेंट का रुतबा इतना बड़ा था कि इसे आज के आईपीएल के समान लोकप्रियता प्राप्त थी। अप्रैल और गर्मियों के मौसम में आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट में देशभर के नामी क्रिकेटर हिस्सा लेते थे और यहां शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों पर राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की विशेष नजर रहती थी।

मोहसिन रजा बताते हैं कि उस दौर में भारत के लगभग सभी बड़े क्रिकेट सितारे इस प्रतियोगिता में खेलते थे। केवल सुनील गावस्कर और सचिन तेंदुलकर ऐसे नाम थे जो इस टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं बने, जबकि अन्य कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी नियमित रूप से इसमें भाग लेते थे। उत्तर प्रदेश की भीषण गर्मी के बावजूद क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह देखने लायक होता था और स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरे रहते थे।

गर्मी से बचने के लिए मैचों की शुरुआत सुबह 6:30 बजे ही कर दी जाती थी। भारत के पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौदी, कपिल देव, बिशन सिंह बेदी और कई अन्य दिग्गज खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। क्रिकेट प्रेमी एम. अस्करी हसन की परिकल्पना से शुरू हुई यह प्रतियोगिता पहले दो और तीन दिवसीय प्रारूप में आयोजित होती थी, लेकिन बाद में इसे सीमित ओवरों के प्रारूप में बदल दिया गया।

इस टूर्नामेंट की खास बात यह थी कि यहां प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती थी। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का नाम भी इस प्रतियोगिता से जुड़ा हुआ है। बताया जाता है कि महज 18 वर्ष की उम्र में धोनी ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड की टीम की ओर से खेलते हुए शानदार अर्धशतक लगाया था। इसके बाद ही वह राष्ट्रीय क्रिकेट जगत में तेजी से चर्चा में आए।

मोहसिन रजा ने बताया कि उन्होंने स्वयं भी लंबे समय तक इस प्रतियोगिता में खिलाड़ी के रूप में हिस्सा लिया है। उनके अनुसार, वह भारतीय क्रिकेट का स्वर्णिम दौर था, जब घरेलू क्रिकेट को बहुत गंभीरता से लिया जाता था और युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के भरपूर अवसर मिलते थे। उन्होंने कहा कि भारत के महान स्पिनर बिशन सिंह बेदी भी लगातार पांच वर्षों तक इस प्रतियोगिता में खेल चुके हैं।

हालांकि वर्ष 2010 के बाद आईपीएल के बढ़ते प्रभाव और खिलाड़ियों के व्यस्त कार्यक्रमों के कारण शीश महल क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन बंद हो गया। धीरे-धीरे यह ऐतिहासिक टूर्नामेंट क्रिकेट कैलेंडर से गायब हो गया। लेकिन अब इसे फिर से शुरू करने की उम्मीद जगी है।

मोहसिन रजा का कहना है कि इस दिशा में युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं और जून महीने में प्रतियोगिता के आयोजन की संभावना पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे और खेल विभाग तथा उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का सहयोग प्राप्त करने का प्रयास करेंगे।

लखनऊ के वरिष्ठ क्रिकेटरों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। वरिष्ठ क्रिकेटर अशोक बॉम्बी ने बताया कि उन्होंने करीब 28 वर्षों तक इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और नवजोत सिंह सिद्धू, वीरेंद्र सहवाग, महेंद्र सिंह धोनी तथा नवाब पटौदी जैसे खिलाड़ियों को यहां खेलते हुए देखा। वहीं क्रिकेट कोच गोपाल सिंह और वरिष्ठ खिलाड़ी समीर मिश्रा का मानना है कि शीश महल ट्रॉफी के पुनः शुरू होने से स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेटरों के साथ खेलने और सीखने का अवसर मिलेगा।

क्रिकेट जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि शीश महल क्रिकेट प्रतियोगिता दोबारा शुरू होती है तो यह न केवल लखनऊ की गौरवशाली खेल परंपरा को पुनर्जीवित करेगी, बल्कि युवा क्रिकेटरों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक बड़ा मंच भी उपलब्ध कराएगी। इससे उत्तर प्रदेश और देश के घरेलू क्रिकेट को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।

About the Reporter

Journalist at Inside News 24x7 | Website | + posts

दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *