शराब कारोबारियों ने आबकारी मंत्री से की मुलाकात
उत्तर प्रदेश के आबकारी मंत्री Nitin Agarwal से बुधवार को शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने दुकानों के संचालन समय में बदलाव की मांग उठाते हुए कहा कि भीषण गर्मी के कारण ग्राहकों की संख्या में कमी आ रही है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने दुकानों को सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक संचालित करने की अनुमति देने का अनुरोध किया ताकि दुकानदारों और ग्राहकों दोनों को राहत मिल सके।
भीषण गर्मी से प्रभावित हो रहा कारोबार
प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि वर्तमान समय सीमा के कारण गर्मी के दौरान ग्राहकों का दुकानों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। दिन में तेज धूप और उमस की वजह से लोग घरों से कम निकल रहे हैं, जिससे बिक्री पर सीधा असर पड़ रहा है। कारोबारियों ने मंत्री को बताया कि यदि दुकानों के खुलने और बंद होने का समय बढ़ा दिया जाए तो शाम और रात के समय अधिक ग्राहक आ सकेंगे और व्यापार को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह बदलाव अस्थायी तौर पर गर्मी के मौसम के लिए लागू किया जा सकता है।
परमिट रूम व्यवस्था दोबारा लागू करने की मांग
शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन के कार्य विभाग महामंत्री विकास मोहन श्रीवास्तव ने मंत्री को दुकानों के संचालन में आ रही अन्य समस्याओं से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पहले की तरह बीयर पीने के लिए परमिट रूम की व्यवस्था फिर से लागू की जानी चाहिए। उनका कहना था कि इस व्यवस्था के बंद होने से ग्राहकों को असुविधा हो रही है और व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि नियंत्रित और लाइसेंसी व्यवस्था के तहत परमिट रूम संचालन से सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी हो सकती है।

देशी मदिरा दुकानों के कोटे पर उठाए सवाल
प्रतिनिधिमंडल ने देशी मदिरा की दुकानों के अधिक कोटे को लेकर भी चिंता जताई। व्यापारियों का कहना था कि महानगर की दुकानों पर निर्धारित कोटा बहुत अधिक है, जबकि मांग उतनी नहीं है। इसकी वजह से काफी मात्रा में माल बिना बिके रह जाता है, जिससे दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कारोबारियों ने मांग की कि बाजार की वास्तविक मांग को ध्यान में रखते हुए कोटा तय किया जाए ताकि व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
लॉटरी व्यवस्था से पुराने कारोबारी परेशान
शराब कारोबारियों ने लॉटरी प्रणाली को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि वर्तमान लॉटरी व्यवस्था की वजह से वर्षों से इस व्यवसाय से जुड़े पुराने कारोबारी धीरे-धीरे बाहर होते जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नई व्यवस्था में अनुभवी व्यापारियों को पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से इस नीति की समीक्षा करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में कई पदाधिकारी रहे शामिल
आबकारी मंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में संगठन के उपाध्यक्ष रमेश जायसवाल सहित शंकर लाल कनौजिया, विजय जायसवाल, देवेश जायसवाल, राजेश जायसवाल, पंकज जायसवाल, विपिन जायसवाल और शिवकुमार जायसवाल मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में व्यापारियों की समस्याओं के समाधान और व्यवसाय के अनुकूल नीतियां लागू करने की मांग की।
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दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.

