‘तुम मेरे बेटे के पैर…’, लखनऊ श्वेता सिंह केस में बहनों के ससुराल पक्ष पर संगीन आरोप, पति-ससुर से पूछताछ शुरू, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या?


लखनऊ के श्वेता सिंह आत्महत्या मामले में उसकी बहन कोमल और ज्योति ने पति भूपेंद्र और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि ‘वे लोग श्वेता से कहते थे कि तुम मेरे बेटे के पैर की धूल भी नहीं हो’. वे श्वेता को परिवार से दूर करना चाहते थे. उधर, श्वेता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत की वजह हैगिंग बताई गई है. आरोपी पति और ससुर से पुलिस पूछताछ कर रही है.

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आत्महत्या मामले में पुलिस का शिकंजा कसना शुरू

लखनऊ के चर्चित श्वेता सिंह आत्महत्या मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने आरोपी पति भूपेंद्र सिंह और ससुर कौशलेन्द्र सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी लगना बताई गई है। हालांकि, श्वेता के मायके पक्ष ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या करार दिया है। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही श्वेता को लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जा रही थी। मामले ने पूरे शहर में आक्रोश पैदा कर दिया है और पुलिस अब हर पहलू की गहन जांच में जुटी है।

कोमल ने inside News 24×7 से कहा- पति भूपेंद्र श्वेता को हम लोगों से ज्यादा बात नहीं करने देता था, यहां तक की उसे मां से भी बात करने को मना किया गया था. अगर, वह अपनी बीमार मां से मिलने के लिए मायके आती तो भूपेंद्र काफी बवाल करता था. 

“तुम मेरे बेटे के पैर की धूल भी नहीं हो”

श्वेता की बहनों कोमल और ज्योति ने मीडिया से बातचीत में ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि शादी के दूसरे महीने से ही श्वेता को तानों और अपमान का सामना करना पड़ रहा था। बहनों के मुताबिक, सास और ससुर अक्सर श्वेता को नीचा दिखाते थे और कहते थे कि वह उनके बेटे भूपेंद्र के “पैर की धूल” के बराबर भी नहीं है। परिवार का कहना है कि इस तरह की बातें श्वेता को मानसिक रूप से तोड़ रही थीं। उसे लगातार यह एहसास कराया जाता था कि वह इस परिवार के योग्य नहीं है।

पति करता था 24 घंटे निगरानी

कोमल ने आरोप लगाया कि भूपेंद्र श्वेता की हर गतिविधि पर नजर रखता था। वह उसे मायके आने-जाने नहीं देता था और चाहता था कि श्वेता अपने परिवार से पूरी तरह कट जाए। यहां तक कि फोन पर बातचीत तक सीमित कर दी गई थी। बहनों के अनुसार, श्वेता अक्सर रोते हुए उन्हें अपनी परेशानियां बताती थी, लेकिन हर बार समझौता करने की कोशिश करती थी। परिवार का कहना है कि शादी के बाद उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई थी और वह धीरे-धीरे मानसिक दबाव में घिरती चली गई।

कोमल और ज्योति ने आरोप लगाया कि श्वेता की ननद नोएडा में रहती थी, लेकिन उसका अपने मायके में अच्छा खासा दखल था. घर के कई फैसलों में उससे रायशुमारी होती थी. ननद और सास श्वेता को परेशान करने के लिए नई-नई तरकीब निकालते रहते थे. कई बार सोशल मीडिया पर श्वेता और घरवालों (मायके पक्ष) वालों के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल भी करती और सोशल मीडिया पर इसके स्टेटस लगाकर तमाशा बनाती थी. 

विदाई के दिन ही शुरू हो गई थी दहेज की मांग

श्वेता के परिवार ने दावा किया कि ससुराल वालों ने शादी के तुरंत बाद ही अपना असली चेहरा दिखा दिया था। बहनों के अनुसार, विदाई वाले दिन ही भूपेंद्र और उसके पिता ने 10 लाख रुपये और एक स्कॉर्पियो गाड़ी की मांग रख दी थी। परिवार ने बताया कि उन्होंने अपनी क्षमता से बढ़कर शादी में खर्च किया था, इसलिए उस समय अतिरिक्त रकम देना संभव नहीं था। श्वेता के पिता ने हाथ जोड़कर और पैर पकड़कर गुहार लगाई, लेकिन आरोपियों का दिल नहीं पसीजा। परिवार का आरोप है कि विदाई के दौरान भी भूपेंद्र ने श्वेता को जबरदस्ती कार में बैठाया और मायके वालों से मिलने तक नहीं दिया।

नौकरी छुड़वाकर बना दिया हाउसवाइफ

परिजनों के मुताबिक, श्वेता एचडीएफसी बैंक के डेबिट कार्ड विभाग में कार्यरत थी और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर थी। लेकिन शादी तय होते ही ससुराल वालों ने उससे नौकरी छोड़ने का दबाव बनाया। उन्होंने यह कहकर भरोसा दिलाया कि शादी के कुछ महीनों बाद वह दोबारा नौकरी कर सकेगी। मगर शादी के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई। परिवार का आरोप है कि श्वेता को घर तक सीमित कर दिया गया और उसे फुल टाइम हाउसवाइफ बनने के लिए मजबूर किया गया। इसी बात को लेकर घर में अक्सर विवाद होते थे।

“एक स्कॉर्पियो के लिए बेटी को मार डाला”

श्वेता की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका है। उसके पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी इतनी कमजोर नहीं थी कि आत्महत्या जैसा कदम उठाए। उन्होंने इसे एक “प्री-प्लान मर्डर” बताते हुए कहा कि दहेज की मांग ने उनकी बेटी की जान ले ली। पिता का कहना है कि उन्होंने अपनी हैसियत से बढ़कर शादी की थी, लेकिन फिर भी ससुराल वालों की मांगें खत्म नहीं हुईं। परिवार ने पुलिस से निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब पूरे मामले पर सभी की नजरें पुलिस जांच और आगे आने वाले सबूतों पर टिकी हैं।

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Journalist at Inside News 24x7 | Website | + posts

दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.


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