लखनऊ में लगातार बिजली कटौती और फॉल्ट से परेशान लोगों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। कई इलाकों में उपकेंद्रों का घेराव, पथराव और सड़क जाम हुआ। बिजली संकट के कारण पानी की भी समस्या बढ़ गई। लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही और स्थायी समाधान न करने का आरोप लगाया।
बिजली कटौती से लोगों का फूटा गुस्सा

राजधानी लखनऊ में लगातार हो रही बिजली कटौती और फॉल्ट की समस्या से लोगों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। बृहस्पतिवार को भी शहर के कई इलाकों में बिजली संकट जारी रहा, जिससे परेशान उपभोक्ताओं ने प्रदर्शन और सड़क जाम कर विरोध जताया। रायबरेली रोड, बुद्धेश्वर मोहान रोड और टिकैत राय तालाब रोड पर लोगों ने घंटों जाम लगाकर बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं अपट्रॉन और नूरबाड़ी उपकेंद्र का घेराव कर उपभोक्ताओं ने अधिकारियों से तत्काल समाधान की मांग की। लोगों का कहना था कि बिजली न होने से पानी की आपूर्ति भी ठप हो गई है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
नूरबाड़ी और अपट्रॉन उपकेंद्र पर हंगामा

नूरबाड़ी ओल्ड उपकेंद्र से जुड़े मोज्जमनगर और आसपास के करीब 1500 घरों की बिजली बुधवार रात करीब 11 बजे गुल हो गई। बताया गया कि भूमिगत केबल में फॉल्ट आने के कारण आपूर्ति बाधित हुई थी। देर रात तक बिजली बहाल न होने पर नाराज लोग सड़कों पर उतर आए। रात करीब डेढ़ बजे बड़ी संख्या में लोग नूरबाड़ी और अपट्रॉन उपकेंद्र पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। टिकैत राय तालाब कॉलोनी के पास सड़क जाम कर लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कर्मचारियों पर अभद्रता और पथराव का आरोप
बिजली विभाग के कर्मचारियों का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग जबरन उपकेंद्र के अंदर घुस आए और गालीगलौज करने लगे। स्थिति बिगड़ने पर कर्मचारियों ने कार्यालय का गेट बंद कर लिया, जिसके बाद कुछ लोगों ने पथराव भी किया। एसडीओ गुलरेज अली ने बताया कि हुबलाल फीडर की भूमिगत केबल में फॉल्ट आने के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई थी और दूसरी लाइन से बिजली बहाल करने का प्रयास किया जा रहा था। हंगामा बढ़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लाठी फटकार कर भीड़ को खदेड़ा। इसके बाद सुबह करीब चार बजे इलाके की बिजली व्यवस्था सामान्य हो सकी।
रायबरेली रोड पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में भिड़ंत

उतरेठिया उपकेंद्र से जुड़े बलदेव विहार, मवैया और देवीखेड़ा क्षेत्रों में भी कई दिनों से बिजली संकट बना हुआ है। लगातार कटौती और फॉल्ट से परेशान लोगों ने बृहस्पतिवार सुबह रायबरेली रोड पर जाम लगा दिया। सुबह साढ़े आठ बजे शुरू हुए प्रदर्शन के कारण करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। जाम खुलवाने पहुंची पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई। लोगों का आरोप था कि तेलीबाग, एकता नगर, कल्ली और जगतखेड़ा समेत कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कहीं ट्रांसफॉर्मर खराब हैं तो कहीं केबल जलने से घंटों बिजली गायब रहती है।
बिजली के खंभों पर टेलीकॉम तार बने खतरा
शहर में बिजली खंभों पर बेतरतीब तरीके से लगाए गए टेलीकॉम और केबल नेटवर्क के तार भी हादसों का कारण बन रहे हैं। बुधवार को कुर्सी रोड स्थित आशीष नगर इलाके में एक बिजली खंभे की एबीसी लाइन में आग लग गई। आग की चिंगारी खंभे पर बंधे इंटरनेट कंपनियों के तारों तक पहुंच गई और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। यह खंभा स्थानीय निवासी अशोक यादव के घर के बाहर लगा था। आग फैलने से घर के लोग अंदर फंस गए, जिन्हें आसपास के लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
लोगों ने प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इंटरनेट और वाई-फाई सेवाएं देने वाली कंपनियां बिना किसी सुरक्षा मानक का पालन किए बिजली के खंभों पर भारी मात्रा में तार बांध रही हैं। इससे ओवरलोडिंग और शॉर्ट सर्किट की घटनाएं बढ़ रही हैं। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग और प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके। लगातार बढ़ते बिजली संकट ने राजधानीवासियों की परेशानी और नाराजगी दोनों बढ़ा दी हैं।
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दानिश अतीक पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 9 सालों से हैं. इस समय वह इनसाइड न्यूज़ 24x7 में बतौर न्यूज़ डिर्टेक्टर और रिपोर्टर का काम कर रहे हैं. इससे पहले दानिश अतीक फोटोप्लेयर न्यूज़ में न्यूज डेस्क पर काम कर चुके हैं. उन्हें राजनीति, क्राइम और खेल पर लिखना बेहद पसंद है. दानिश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ के रहने वाले हैं, इन्होंने अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से की है.

